दिल में एक चाहत थी कि जो सोचता हूं उसको शब्दो मे बंया करु तो लिखना सुरु कर रहा हु नही पता क्या और कैसे लिखूंगा बस कोशिश कर रहा हु।
मीडिया लोकतंत्र का चौथा खम्बा।जब भी आपको किसी देश या सरकार का मूल्यांकन करना हो तो आप देखिए कि उस दौर में मीडिया कितनी स्वतंत्र थी।मीडिया का काम होता है कि सरकार के काम काज ...
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